बहुत देर तक स्थिर रहने पर,
हम ऊंघने लगते हैं।
एक लंबी ऊंघ,
हमे सुला देती है और,
और,
सो जाने पर,
हम अस्थिर हो जाते हैं....
बहुत देर की अस्थिरता,
जन्म देती है,
उबासी को....और,
और,
उबासी हमे जगा देती है।
इक ऊंघ-ओ-उबासीेे,
के बीच का वक़्त,
"जीवन" है।
Keep Visiting!
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